भरतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पुरोहित बताकर एक जालसाज ने भाजपा के नेता से टिकट दिलाने के नाम पर 7 लाख रुपये ठग लिए। जालसाज पुरोहित ने बलरामपुर जिले के रहने वाले एक भाजपा नेता को विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर ये रकम वसूली थी। भाजपा नेता ने आरोपी के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की पड़ताल के साथ जालसाज की तलाश शुरू कर दी है। (seven lakh rupees cheated)
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क्या है पूरा मामला?
- थाना प्रभारी विभूतिखंड सतेंद्र राय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बलरामपुर के रेहरा बाजार सरायखास के निवासी अनिल श्रीवास्तव ने डीजीपी को लिखित सूचना की थी, जिसके बाद केस दर्ज किया गया है।
- अनिल का कहना है कि वह उतरौला से टिकट के प्रबल दावेदार थे।
- उनके गुरु योगेंद्र कुमार मिश्रा के जरिए पत्नी सीतू श्रीवास्तव की मुलाकात आरपी तिवारी से हुई।
- उसने सीतू को गोमती नगर के विशेष खंड स्थित ऑफिस बुलाया।
- वह 27 जनवरी 2017 को योगेंद्र के साथ उसके ऑफिस पहुंची।
- यहां आरपी तिवारी ने खुद को अमित शाह का पुजारी बताते हुए राजनीतिक संबंध और रूप का बखान किया।
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- तिवारी ने कहा कि कई लोगों को चुनाव में टिकट दिलाए हैं।
- उसने सीतू को कई मंत्रियों से लिखे लेटर पैड भी दिखाए।
- सीतू उसकी बातों से प्रभावित हो गई और पति को टिकट दिलाने के लिए कहा।
- तिवारी ने टिकट दिलाने के 27 लाख रुपए मांगे।
- उसने कहा कि 7 लाख रुपये एडवांस देने होंगे।
- बाकी रकम टिकट मिलने के बाद देनी होगी।
- सीतू ने 50 हजार रुपये तिवारी को दे दिए। (seven lakh rupees cheated)
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- तिवारी ने एक बैंक अकाउंट नंबर देते हुए बाकी की रकम उसमें जमा कराने को कहा।
- 27 जनवरी को सीतू ने डेढ़ लाख तिवारी के बताए गए खाते में जमा कर दिए।
- 31 जनवरी को योगेंद्र कुमार उसके घर पहुंचे और सीतू से मिलकर बाकी रुपए के बारे में पूछा।
- सीतू ने कहा 5 लाख रूपये का इंतजाम हो गया है।
- इस पर वह इसे लेकर तिवारी के ऑफिस पहुंच गए।
- यहां सीतू ने तिवारी को 5 लाख रूपये दे दिए।
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- कुछ दिन बाद सूची जारी हुई तो अनिल का नाम नहीं था।
- अनिल का आरोप है कि सीतू ने तिवारी से संपर्क किया तो उसने भद्रता की।
- उसने एक सप्ताह में रुपए लौटाने की बात कही और फोन उठाना बंद कर दिया।
- तिवारी ने सीतू और अनिल के फर्जी हस्ताक्षर से जमीन की खरीद फरोख्त से संबंधित कागजात तैयार करा लिए। (seven lakh rupees cheated)
- तिवारी का कहना है कि उसने प्लाट के लिए रुपए दिए थे ना कि टिकट के लिए।
- इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है।
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Sudhir Kumar
I am currently working as State Crime Reporter @uttarpradesh.org. I am an avid reader and always wants to learn new things and techniques. I associated with the print, electronic media and digital media for many years.