दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में लगे देश विरोधी नारे के बाद शुरु हुआ बवाल बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को वामपंथी संगठन से जुड़े छात्रों ने न सिर्फ दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया बल्कि छात्रों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं और लाठीचार्ज करने वाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सस्पेंड हुए पुलिसकर्मी:
- रामजस कॉलेस में छात्रों के बीच झड़प और पुलिस की कार्रवाई लेकर हंगामा जारी है।
- इस पूरे हंगामें के बीच अब तक तीन पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
- दिल्ली विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारे लगाए जाने की जांच पुलिस कर रही है।
क्या है पूरा मामला:
- रामजस कॉलेज में 21 फरवरी को इतिहास विभाग में दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
- इस सम्मेलन में जेएनयू के विवादास्पद छात्र उमर खालिद और उपाध्यक्ष शैला रशीद को बुलाया गया था।
- 22 फरवरी को एबीवीपी के विरोध के बाद कार्यक्रम रद्द हो गया, जिसके बाद रामजस कॉलेज में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठन से जुड़े छात्रों की झड़प हुई थी।
- कॉलेज में हुई झड़प के बाद एबीवीपी ने वीडियो जारी कर वामपंथी छात्र संगठनों पर देश विरोधी नारे लगाने का भी आरोप लगाया।
शिक्षा मंत्री ने इस मामले डीयू से मांगा रिपोर्ट :
- देश विरोधी नारे को लेकर सरकार ने कहा है कि विश्वविद्यालय को देश विरोध का अड्डा नहीं बनने दिया सकता।
- शिक्षा मंत्री प्रकाश जावडेकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इस मामले में रिपार्ट मांगी है।
- साथ ही इस बारे में जांच की जा रही है कि क्या जेएनयू की तरह ही रामजस कॉलेज में देश विरोधी नारे लगाए गये।
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