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MLA Political Journey

अलीगढ़ के कोल विधानसभा सीट से विधायक अनिल पराशर का राजनीतिक सफर

अलीगढ़ के कोल विधानसभा सीट से विधायक अनिल पराशर का राजनीतिक सफर Aligarh Koil MLA Anil Parashar Biography Political Journey and career

अलीगढ़ के कोल विधानसभा सीट से विधायक अनिल पराशर का राजनीतिक सफर Aligarh Koil MLA Anil Parashar Biography Political Journey and career

अलीगढ़ जिले की कोल विधानसभा सीट से भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के विधायक अनिल पाराशर [ MLA Anil Parashar Biography ] ने 2022 के विधानसभा चुनाव में दोबारा जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। वह कोल सीट पर लगातार जीत दर्ज करने वाले पहले विधायक बन गए हैं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

अनिल पराशर का जन्म 5 सितंबर 1971 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनका बचपन अलीगढ़ में ही बीता, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। शिक्षा के प्रति उनकी रुचि शुरू से ही रही और उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से विज्ञान में स्नातक (B.Sc.) और फिर कानून (LL.B) की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1994 में उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर एक सफल करियर की ओर कदम बढ़ाया।

अनिल पाराशर का राजनीतिक सफर [ MLA Anil Parashar Biography ]

अनिल पाराशर ने भाजपा युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वह युवा मोर्चा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और धीरे-धीरे पार्टी में अपनी पहचान बनाई। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कोल सीट से टिकट मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। 2022 में उन्होंने इस सीट पर दोबारा जीत हासिल कर अपने राजनीतिक करियर को मजबूत किया।

2022 विधानसभा चुनाव में जीत

2022 के विधानसभा चुनाव में अनिल पाराशर ने कोल सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। हालांकि, इस बार उनकी जीत का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में कम रहा, लेकिन उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर एक नया इतिहास रच दिया।

अलीगढ़ जिले में भाजपा का प्रदर्शन

अलीगढ़ जिले में भाजपा का प्रदर्शन समय के साथ बदलता रहा है। 1977 में इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लागू करने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी ने सभी दस सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस समय हाथरस भी अलीगढ़ जिले का हिस्सा था। 3 मई 1997 को हाथरस अलग हो गया और अलीगढ़ जिले में सात सीटें रह गईं।

2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा चारों खाने चित हो गई थी। 2007 के चुनाव में भाजपा को सात में से दो सीटें मिलीं। 2012 के चुनाव में भाजपा फिर से चारों खाने चित हो गई थी। हालांकि, 2014 में मोदी लहर के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सातों सीटें जीत लीं।

कोल सीट का राजनीतिक इतिहास [ MLA Anil Parashar Biography ]

कोल सीट पर भाजपा का कमल लंबे समय से सूखा हुआ था। 1993 में भाजपा के किशनलाल दिलेर पांच बार विधायक रहे थे। इसके बाद 25 वर्षों तक भाजपा को इस सीट पर जीत नहीं मिली। 2017 के चुनाव में भाजपा के अनिल पाराशर ने इस सीट पर जीत दर्ज की और 2022 में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की।

व्यवसाय और पेशा

राजनीति के अलावा, अनिल पराशर एक सफल वकील, किसान और व्यवसायी भी हैं। वे कानून की प्रैक्टिस में काफी अनुभवी हैं और न्यायिक मामलों की गहरी समझ रखते हैं। इसके अलावा, वे कृषि से भी जुड़े हुए हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास करते हैं। साथ ही, वे रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में भी सक्रिय हैं, जिससे वे अपने क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न कर रहे हैं।

व्यक्तिगत जीवन [ MLA Anil Parashar Biography ]

अनिल पराशर का विवाह 5 सितंबर 1971 को हेमलता पराशर से हुआ। उनकी पत्नी भी व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं। उनके दो बेटे हैं, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ एक संतुलित जीवन जीते हैं और पारिवारिक मूल्यों को महत्व देते हैं।

नामअनिल पराशर
जन्मतिथि5 सितंबर 1971
जन्मस्थानअलीगढ़, उत्तर प्रदेश
उम्र53 वर्ष
पार्टी का नामभारतीय जनता पार्टी (BJP)
शिक्षाB.Sc. और LL.B (डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा)
पेशावकील, किसान, व्यवसायी और रियल एस्टेट इन्वेस्टर
पिता का नामस्वर्गीय रामप्रसाद शर्मा
माता का नामउपलब्ध नहीं
पत्नी का नामहेमलता पराशर
पत्नी का पेशाव्यवसाय
बच्चेदो बेटे
धर्महिंदू
जातिब्राह्मण

अनिल पाराशर का राजनीतिक सफर [ MLA Anil Parashar Biography ] भाजपा युवा मोर्चा से शुरू हुआ और आज वह कोल विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। उनकी जीत न केवल उनके लिए, बल्कि भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण है। अनिल पराशर एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं, जिन्होंने राजनीति, व्यवसाय, कानून और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की है। उनकी नेतृत्व क्षमता, जनसेवा की भावना और विकास कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाती है।

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