2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में राम मूर्ति वर्मा [ MLA Ram Achal Rajbhar ] ने एक साहसिक राजनीतिक निर्णय लेते हुए अपनी पारंपरिक अकबरपुर सीट छोड़कर टांडा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 41,989 मतों से विजय हासिल की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कपिल देव वर्मा को 32,097 मतों के भारी अंतर से पराजित किया.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर श्री अखिलेश यादव जी को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं जाने हेतु पार्टी को अपने मत अधिकार से पूर्व में सेट प्रस्ताव दिया था।
— Ram Murti Verma (@RamMurtiVermaSP) September 29, 2022
आदरणीय श्री @yadavakhilesh जी को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।@MediaCellSP pic.twitter.com/15ZcydM5Ol
राम मूर्ति वर्मा [ MLA Ram Achal Rajbhar ]: UP की राजनीति में सपा के कद्दावर नेता
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
राम मूर्ति वर्मा [ MLA Ram Achal Rajbhar ] का जन्म 1 जनवरी 1965 को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के दोहरीपुर गांव में वासुदेव वर्मा के घर हुआ था। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। 1984 में उनका विवाह सुधामा देवी से हुआ, जिनसे उनके दो पुत्र हैं। वर्मा मूल रूप से एक कृषक हैं और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान परिवार से जुड़ी हुई है।
राजनीतिक करियर की शुरुआत [ MLA Ram Achal Rajbhar ]
राम मूर्ति वर्मा ने अपना राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी के साथ शुरू किया। उन्होंने तीन बार समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जिससे उन्हें पार्टी संगठन में मजबूत पहचान मिली।
विधानसभा में प्रतिनिधित्व [ MLA Ram Achal Rajbhar ]
वर्मा के विधायक के रूप में कार्यकाल:
- 2012: अकबरपुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए
- 2012-2017: सोलहवीं विधानसभा में सदस्य रहे
- 2017: अकबरपुर सीट से चुनाव हार गए (कम अंतर से)
- 2022: टांडा विधानसभा सीट से 41,989 वोटों से जीत हासिल की
- भाजपा के कपिल देव वर्मा को 32,097 वोटों के अंतर से हराया
मंत्री पद पर कार्यकाल [ MLA Ram Achal Rajbhar ]
अखिलेश यादव मंत्रिमंडल में राम मूर्ति वर्मा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई:
- दुग्ध एवं डेयरी विकास मंत्री के रूप में कार्य किया
- उत्तर प्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया
- किसान हितैषी नीतियों को लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाई
लोकसभा चुनाव में भागीदारी
2014 के लोकसभा चुनाव में वर्मा ने:
- अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा
- हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली
- यह अनुभव उनके राजनीतिक करियर को और परिपक्व बनाने में सहायक रहा
राजनीतिक विश्लेषण
राम मूर्ति वर्मा की सफलता के प्रमुख कारण:
- जमीनी नेता: क्षेत्र के गांव-गांव तक उनकी पहुंच
- किसान नेता: कृषक परिवार से होने के कारण किसानों के मुद्दों की गहरी समझ
- संगठन क्षमता: समाजवादी पार्टी संगठन को मजबूत करने में योगदान
- जातीय समीकरण: अपने समुदाय में मजबूत पकड़
वर्तमान राजनीतिक स्थिति
वर्तमान में राम मूर्ति वर्मा:
- उत्तर प्रदेश की अठारहवीं विधानसभा में टांडा सीट से विधायक
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय
- क्षेत्रीय विकास कार्यों पर विशेष ध्यान
- 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हुए
राम मूर्ति वर्मा [ MLA Ram Achal Rajbhar ] का राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति को समझने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनकी सफलता का रहस्य उनके सीधे-सादे व्यक्तित्व और जनता से सीधे जुड़ाव में निहित है। आने वाले समय में उनसे समाजवादी पार्टी और उत्तर प्रदेश राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।
अंबेडकरनगर जिले के विधायकों की सूची
क्रम संख्या | विधायक का नाम | पार्टी का नाम | विधानसभा क्षेत्र | जिला |
---|---|---|---|---|
1 | त्रिभुवन दत्त | समाजवादी पार्टी | 279 – आलापुर | अंबेडकरनगर |
2 – उपचुनाव 2024 | धर्मराज निषाद | भाजपा | 277 – कटेहरी | अंबेडकरनगर |
2 | लालजी वर्मा | समाजवादी पार्टी | 277 – कटेहरी | अंबेडकरनगर |
3 | राकेश पांडेय | समाजवादी पार्टी | 280 – जलालपुर | अंबेडकरनगर |
4 | राम अचल राजभर | समाजवादी पार्टी | 281 – अकबरपुर | अंबेडकरनगर |
5 | राम मूर्ति वर्मा | समाजवादी पार्टी | 278 – टांडा | अंबेडकरनगर |
Updated : November 23, 2024