उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार जीत दर्ज की है। बीजेपी प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान [ MLA Chandrabhanu Paswan ] ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 60 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की है। यह जीत न केवल बीजेपी के लिए बल्कि चंद्रभानु के व्यक्तिगत राजनीतिक करियर के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

चंद्रभानु पासवान का राजनीतिक सफर [ MLA Chandrabhanu Paswan ]

39 वर्षीय चंद्रभानु पासवान [ MLA Chandrabhanu Paswan ] का जन्म 1986 में हुआ था। वे पेशे से एक वकील हैं और बीकॉम, एमकॉम एवं एलएलबी की डिग्री धारक हैं। उनका पूरा परिवार साड़ी के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। चंद्रभानु स्वयं सूरत और रुदौली में साड़ी का कारोबार संभालते हैं।

राजनीति में उनकी सक्रियता पिछले कई वर्षों से रही है। वह बीजेपी की जिला कार्यसमिति के सदस्य हैं और पिछले दो वर्षों से मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे अनुसूचित जाति संपर्क प्रमुख के रूप में भी कार्यरत रहे।

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पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक जुड़ाव

चंद्रभानु पासवान [ MLA Chandrabhanu Paswan ] का परिवार राजनीति और सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि रखता है। उनकी पत्नी कंचन पासवान रुदौली चतुर्थ से लगातार दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। उनके पिता रामलखन दास रुदौली के परसौली गाँव के पूर्व ग्राम प्रधान रह चुके हैं। हालाँकि, पिछले निकाय चुनाव में वे नगर पालिका सभासद का चुनाव हार गए थे, लेकिन परिवार का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव अब भी मजबूत है।

मिल्कीपुर में बीजेपी की मजबूत पकड़ [ MLA Chandrabhanu Paswan ]

मिल्कीपुर सीट पर बीजेपी की यह जीत पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल पार्टी की जमीनी स्तर पर मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यूपी में बीजेपी की ओबीसी और दलित वोट बैंक पर पकड़ को भी रेखांकित करता है। चंद्रभानु पासवान की जीत से स्पष्ट है कि बीजेपी ने स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर सही दांव खेला है।

मिल्कीपुर उपचुनाव में चंद्रभानु पासवान [ MLA Chandrabhanu Paswan ] की जीत ने बीजेपी के लिए एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उनकी सामाजिक पहचान, पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि और जमीनी स्तर पर काम करने की प्रतिबद्धता ने इस जीत को संभव बनाया है। आने वाले समय में चंद्रभानु पासवान के नेतृत्व में मिल्कीपुर क्षेत्र के विकास की नई गाथा लिखी जाएगी, ऐसी उम्मीद की जा रही है।

इस जीत के साथ ही बीजेपी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में अपनी प्रभुत्व साबित कर दी है। अब देखना होगा कि चंद्रभानु पासवान विधायक के रूप में क्षेत्र के विकास के लिए कैसे काम करते हैं।

मिल्कीपुर (उत्तर प्रदेश) विधानसभा उपचुनाव परिणाम – फरवरी 2025

स्थिति: 31/31 राउंड की गणना पूरी

स्थितिउम्मीदवारपार्टीप्राप्त वोटवोट अंतर
🏆 जीतचंद्रभानु पासवानभारतीय जनता पार्टी1,46,397+61,710
❌ हारअजीत प्रसादसमाजवादी पार्टी84,687-61,710
❌ हारसंतोष कुमारआज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम)5,459-1,40,938
❌ हारराम नरेश चौधरीमौलिक अधिकार पार्टी1,722-1,44,675
❌ हारसंजय पासीनिर्दलीय1,107-1,45,290
❌ हारभोला नाथनिर्दलीय1,003-1,45,394
❌ हारवेद प्रकाशनिर्दलीय507-1,45,890
❌ हारअरविंद कुमारनिर्दलीय425-1,45,972
❌ हारसुनीताराष्ट्रीय जनवादी पार्टी (समाजवादी)363-1,46,034
❌ हारकंचनलतानिर्दलीय286-1,46,111
❌ NOTAकोई नहींNone of the Above1,361-1,45,036

📌 निष्कर्ष: भारतीय जनता पार्टी के चंद्रभानु पासवान ने 61,710 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

Ayodhya Assembly Election Results 2022 : अयोध्या के 5 विधानसभा सीटों के नतीजे

अयोध्या जिले का 2022 विधानसभा चुनाव परिणाम [ Ayodhya Assembly Election Results ]

क्रम संख्याविधानसभा सीटविजेता उम्मीदवारपार्टी
1️⃣अयोध्यावेद प्रकाश गुप्ताभाजपा
2️⃣रुदौलीरामचंद्र यादवभाजपा
3️⃣बीकापुरडॉ. अमित सिंह चौहानभाजपा
4️⃣गोसाईगंजअभय सिंहसपा
5️⃣मिल्कीपुर (आरक्षित)अवधेश प्रसादसपा
5️⃣ उपचुनाव – 8 Feb 2025मिल्कीपुर (आरक्षित)चंद्रभानु पासवानभाजपा

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