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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का आपराधिक इतिहास

उन्नाव में गैंगरेप और हत्या के आरोपी भाजपा विधायक के बाहुबल का अनुमान तो सब को ही गया है. रेप पीडिता के पिता को मरवा कर केस को दबाने वाले उन्नाव से भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर कई आपराधिक मामले है. खुद उनके भाई ने दिन दहाड़े पुलिस अधीक्षक की हत्या कर दी थी, कानपुर के एक पत्रकार को मार दिया लेकिन दबंग विधायक का रौब कहे या सरकार का संरक्षण, ये आज भी अपने अपराधों की सज़ा से कोसों दूर कानून व न्याय व्यवस्था का उपहास उड़ाते नजर आते है.  

गंगा में अवैध बालू खनन सहित कई मामलों में लिप्त हैं सेंगर:

भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मूलतः फतेहपुर के रहने वाले है। उन्नाव के माखी गाँव में उनका ननिहाल है, जहाँ से उनकी माता ग्राम प्रधान थी। सेंगर के राजनीतिक करियर की शुरुआत युवक कांग्रेस के जिला महामंत्री के रूप में हुई। हालांकि जल्द ही कुलदीप सेंगर ने दल बदला और राजनीतिक विचार भी। उन्होंने कांग्रेस छोड़ बसपा का हाथ पकड़ लिया। बसपा से वे 2002 में विधायक बने। बसपा से विधायक क्या बने, खुद को हाथी पर सवार समझ, लोगों को उसके पैरों तले रौंदना शुरू कर दिया। सेंगर की दबंगई के किस्से वही से शुरू हो गये।

4 बार विधायक बन चुके सेंगर ने बदली 4 पार्टियाँ:

पड़ाव अड्डों से वसूली और रंगदारी से दबंग विधायक के रूप में पहचान हुई। अपनी जरूरत के हिसाब से फिर दल बदला और 2007 में हाथी से साइकिल पर सवार हो गये. सपा का दामन थाम कर कुलदीप दूसरी बार विधायक बने।

इसके बाद सेंगर बीजेपी में शामिल हुए। सबसे बड़ी सत्ताधरी पार्टी का साथ पा कर तो सेंगर की दबंगई जैसे बिना ब्रेक की गाड़ी में तब्दील हो गयी। सेंगर को बीजेपी से दोबारा विधायकी मिली तो कुलदीप के बेलगाम भाइयों ने भी दबंगई शुरू कर दी।

विधायक के भाई अतुल सिंह ने अवैध खनन पर लगाम लगाने वाले तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा को दिनदहाड़े गोली मारी। इतना ही नहीं विधायक के इस सिरफिरे भाई ने कानपुर में एक पत्रकार की भी गोली मारकर हत्या कर दी। राजनीतिक संरक्षण हाेने की वजह से विधायक अपने भाई अतुल को बचाने में कामयाब रहा।

125 करोड़ के अवैध बालू खनन का आरोप:

दबंगई के बाद अब विधायक ने गंगा में अवैध बालू खनन का काम शुरू किया। जिनके ऊपर 125 करोड़ के अवैध बालू खनन का भी आरोप लगा है। मीडिया ने जब कुलदीप सेंगर के अवैध बालू खनन के कारोबार को दिखाया तो विधायक ने पुलिस पर दबाव बनाकर पत्रकार पर फ़र्ज़ी मुकदमा दर्ज करा दिया। भाजपा का दामन थामने के बाद तो विधायक की दबंगई बढ़ती चली गयी। भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर माखी थाने में जहां कई मामले दर्ज हैं वहीं उनके भाई अतुल सिंह की हिस्ट्रीशीट भी है।

बता दें कि उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और गैंगरेप पीड़िता का घर माखी गांव में पास-पास है। इस प्रकरण के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। विधायक का खौफ इतना है कि लोग कैमरे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। गांव में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती है।

इस पूरे मामले में विधायक के एक करीबी ने कुछ अलग ही खुलासा किया है, जिसमें उन्हाेंने बताया है कि पीड़िता कुछ समय पहले एक लड़के के साथ भाग गई थी। जिसके बाद परिवार ने लड़के के परिवार को फंसाने का दबाव बनाया था, लेकिन सेंगर के मना करने पर परिवार विधायक को फंसा रहा है। जिन्होंने लड़की के पिता को पीटा, उनका विधायक से कोई संबंध नहीं है।

बहरहाल जिस केस में पुलिस की स्थिति भी संदेह में है उसमें अब सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीदें है।

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