राजधानी के गोमतीनगर थाना पुलिस ने अपनी करतूतों की शिकायत डीजीपी (gomti nagar police) से करने पर चार छात्रों को मोबाइल लूट के झूठे केस में फंसाकर सोमवार को जेल भेज दिया। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात भर थाने में टॉर्चर करके लूट का जुर्म कुबूल करवाया।
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- सुबह छात्रों के परिवारीजन थाने पहुंचे तो उन्हें दो टूटे-फूटे फोन दिखाकर उसे लूट का माल बताया गया। लेकिन यह फोन किससे, कहां और कब लूटे गए इसके बारे में खुद पुलिस को कोई जानकारी नहीं है।
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लूट के फोन किसके पता नहीं
- गोमतीनगर में लोहिया अस्पताल के पास दुकान लगाने वाले संदीप के मुताबिक 12 जुलाई को उसका भाई प्रदीप दोस्तों के साथ जनेश्वर मिश्र पार्क से लौट रहा था।
- रास्ते उसकी बाइक एक कार से टकरा गई।
- दुर्घटना के बाद उसके दोस्त मौके से भाग निकले, लेकिन पुलिस प्रदीप को पकड़ लाई।
- संदीप को थाने बुलाकर रुपये की डिमांड की गई।
- संदीप ने दो हजार रुपये दिए तो पुलिस ने भाई को छोड़ दिया, लेकिन इसके बाद प्रदीप ने डरकर स्कूल जाना छोड़ दिया।
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- भाई की हालत देख संदीप ने उसे गांव भेज दिया।
- सप्ताहभर पहले वह गांव से लौट तो दुकान पर भाई का हाथ बंटाने लगा।
- संदीप के मुताबिक 17 अगस्त को पुलिस उसकी दुकान पर पहुंची और बातचीत करने के बहाने प्रदीप को थाने ले गई।
- यहां थाने में रातभर उसे टार्चर किया गया।
- इसकी जानकारी होने पर संदीप ने 18 अगस्त को डीजीपी से शिकायत की।
- डीजीपी की फटकार के बाद पुलिस ने प्रदीप को छोड़ दिया, लेकिन अपनी करतूतों की शिकायत करने से नाराज पुलिस प्रदीप के पीछे पड़ गई।
- रविवार रात पुलिस फिर उसे घर से उठा ले गई।
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- आरोप है कि (gomti nagar police) रात भर पिटाई करके उससे मोबाइल लूट का झूठा आरोप कुबूल करवाया गया।
- उसी से फोन करवा उसके तीन और दोस्तों को बुलवाया और सुबह चारों को लूट में जेल भेज दिया गया।
- पुलिस ने चारों का लूट के आरोप में चालान तो कर दिया, लेकिन लूटा गया फोन किसका था यह पता नहीं लग पाया।
- फोन कब और कहां से लूटा गया इसकी जानकारी भी पुलिस को नहीं है।
- जिस फोन को बरामदगी के तौर पर दिखाया गया उसकी कोई रिपोर्ट भी थाने में दर्ज नहीं है।
- संदीप का आरोप है कि पुलिस ने दो टूटे-फूटे फोन की बरामदगी दिखाकर प्रदीप और उसके तीन दोस्तों को जेल भेज दिया।
- इंस्पेक्टर गोमतीनगर विश्वजीत सिंह का कहना है कि बरामद हुए फोन किसके हैं इसकी जानकारी की जा रही।
- आरोपितों ने खुद फोन लूटने की बात कुबूल की है।
- इसी के आधार (gomti nagar police) पर उन्हें जेल भेजा गया है।
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Sudhir Kumar
I am currently working as State Crime Reporter @uttarpradesh.org. I am an avid reader and always wants to learn new things and techniques. I associated with the print, electronic media and digital media for many years.