Uttar Pradesh News, UP News ,Hindi News Portal ,यूपी की ताजा खबरें
Uttar Pradesh

मुजफ्फरनगर : मीरापुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार सुम्बुल राणा का राजनीतिक सफर

Sumbul Rana Political Journey

Sumbul Rana Political Journey

Sumbul Rana Political Journey :समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट से सुम्बुल राणा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। सुम्बुल राणा का राजनीतिक और पारिवारिक जुड़ाव काफी मजबूत है। वह पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू हैं और साथ ही बसपा नेता और पूर्व सांसद मुनकाद अली की बेटी हैं।

मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास

उनका यह नामांकन न केवल राजनीतिक, बल्कि पारिवारिक समीकरणों को भी दर्शाता है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मीरापुर सीट पर सुम्बुल राणा का नामांकन सपा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

कौन हैं सुम्बुल राणा? सुम्बुल राणा का राजनीतिक सफर Sumbul Rana Political Journey

मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) में टिकट को लेकर काफी खींचतान और आंतरिक दावेदारी देखी गई। सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसद कादिर राणा खुद अपने लिए या अपने बेटे शाह मोहम्मद के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। उनके समर्थन में जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और बच्ची सैनी जैसे नेता पैरवी कर रहे थे। इसके अलावा, सांसद हरेंद्र मलिक और राकेश शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष इलम सिंह गुर्जर भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे।

मुजफ्फरनगर में मीरापुर विधानसभा का जातीय समीकरण 2024

पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार यादव और अलीम सिद्दीकी वसी अंसारी के लिए टिकट की मांग कर रहे थे, जबकि जिला अध्यक्ष जिया चौधरी खुद के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे थे। खतौली से बसपा के पूर्व प्रत्याशी माजिद सिद्दीकी भी टिकट की दौड़ में थे। वहीं, पार्टी का एक धड़ा हाजी लियाकत को एक और मौका देने की पैरवी कर रहा था, जो 2017 के विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से अवतार भड़ाना से हार गए थे।

UP Election 2022 : मीरापुर विधानसभा चुनाव 2022 नतीजे

इन सभी दावेदारियों के बीच सपा ने अंततः सुम्बुल राणा को मीरापुर से अपना प्रत्याशी घोषित किया, जो पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू और बसपा नेता मुनकाद अली की बेटी हैं।

Related posts

जिले में जंगल से बाहर घूम रहे बाघ, जंगल से निकले बाघ बने दहशत का पर्याय, निघासन के बौधिया में बछड़े को बनाया निवाला, कुकरा में बाघ ने दो कुत्तों का किया शिकार, दहशत में ग्रामीण किसानों ने खेत जाना छोड़ा, बाघ की निगरानी में जुटे वन विभाग के कर्मी।

Ashutosh Srivastava
7 years ago

उप्र लोक सेवा आयोग भर्तियों की हो सकती है जांच!

Kamal Tiwari
8 years ago

उन्नाव: बाढ़ के पानी डूबे 2 युवक, SDM मौके पर मौजूद

Srishti Gautam
7 years ago
Exit mobile version