एनएच2 मथुरा-दिल्ली मार्ग क़स्बा चौमुहां का, जहाँ गरीब तोताराम एक कमरे के मकान मे रहता है. वहीं एक पंखा और एक बल्ब का इस्तेमाल करने वाले तोताराम के घर का मासिक बिजली बिल 70 लाख रुपये आया है। अब फटेहाल तोताराम इसे ठीक कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन सुन कोई नहीं रहा.
एक कमरे के मकान का मासिक बिल 70 लाख से ज्यादा:
सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और लापरवाही किस हद तक एक आदमी के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है इसका नजारा मथुरा में लाचार और गरीब तोताराम को देख कर लगाया जा सकता हैं.

बिजली विभाग कि एक बड़ी चुक ने न केवल विभाग कि कार्यशैली पर सवाल खड़े किये बल्कि एक फटेहाल व्यक्ति के होश ही उड़ा दिए. जी हाँ लापरवाह बिजली विभाग का एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें एक कमरे के मकान में रहने वाले व्यक्ति के एक पंखे और एक बल्ब का मासिक बिल 70 लाख रुपये आ गया.

बिल ठीक करवाने के लिए दर दर भटक रहा तोताराम:
बता दें मथुरा जिले के थोक मनी चौक निवासी तोताराम भूमिहीन किसान है. अभी हाल में ही उन्हें रेलवे में चतुर्थ श्रेणी पद पर काम मिला है। कस्बे में रहने के लिए उन्होंने 10 गुणा 12 का एक कमरा बना रखा है।
इसी कमरेनुमा घर में प्रकाश की व्यवस्था के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. से कनेक्शन ले रखा है। तोताराम पुत्र बिस्सु का विद्युत कनेक्शन नंबर 067705 है। इसका भार एक किलोवाट है, जो सरकारी महकमे की बुक नंबर 6530 के क्रमांक 005 पर अंकित है। इसका एससी नंबर केएस 76530067705 है। यह कनेक्शन ही तोताराम के लिए सिरदर्द बन गया है.
मई में आया था 22 हजार से ज्यादा का बिल:
9 जुलाई 2018 को निकाले गए कंप्यूटरीकृत बिल में माह जून 2018 का बिल 70,80,204 (सत्तर लाख अस्सी हजार दो सौ चार रुपये) आया है। वहीं मई का बिल 22042 आया था, वो भी गलत है।
बिल देख किसान के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। उसने बिल दुबारा निकलवाया मगर रकम वही लिखी आई। इसमें बिल्ड यूनिट 996814 दी हैं, जबकि उसके घर में सिर्फ एक पंखा और एक बल्ब ही जलता है।
बिल का भुगतान भी 24 जुलाई तक होना है। बिल निकालने वाले कर्मचारी कन्हैया ने 10 जुलाई को इसे वेरीफाई किया है। किसान का अप्रैल 2018 का बिल मात्र 609 रुपये है, जिसका वे 17 अप्रैल 2018 को भुगतान कर चुके हैं।
मई-जून का बिल सही कराने के लिए जेई, एसडीओ और अवर अभियंता तक की चौखट खटखटाई लेकिन बिल सही नहीं हुआ। तोताराम ने बताया कि वह बिजली का बिल हर महीने भरते हैं।
वहीं तोताराम ने अब इस मामले में पत्र लिखकर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से गुहार लगाई है कि उसका कनेक्शन काट दिया जाए, ऐसे उजाले से तो अंधेरा ही अच्छा है।