शहीद का सम्मान सर्वोपरि है। इसलिये देश के मान सम्मान के लिये जब भी जवान की शहादत की खबर आती है। उसके सम्मान मे हर कोई उठ खडा होता है और शासन प्रशासन उस परिवार की मौलिक सुविधाओ का बेहद ध्यान रखता है। लेकिन जनपद गाजीपुर मे शहीदो के सम्मान का अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। जी हां 2016 मे माछिल सेक्टर मे शहीद हुए शशांक सिंह के परिवार या उनके गांव मे आजतक स्वच्छता मिशन के तहत एक भी शौचालय का सौगात नही दिया गया। इतना ही नही जो कुछ बना भी है वह अधुरा और उसके पैसे उतार लिये गये है।
ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में घोटाले का आरोप लगाया
- बता दें कि गाजीपुर जिला के कासिमाबाद का नसीरूद्दीनपुर गांव है।
- इस गांव में रहने वाले शशांक सिंह 22 नवम्बर 2016 को माछिल सेक्टर में शहीद हो गए थे।
- उनकी शहादत के बाद लोगों ने नम आंखो से विदाई दी थी।
- तब शासन व प्रशासन ने इस परिवार की हर जरूरत पूरा करने का वादा किया था।
- कुछ वादे तो पूरे किये गए लेकिन शहीद परिवार के मौलिक सुविधाओं में शुमार शौचालय जो इन दिनों भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओ मे भी शुमार है।
- सरकार हर हाल मे 31 दिसम्बर तक जनपद में करीब साढ़े तीन लाख शौचालय बनाकर जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करना चाहती है।
- लेकिन इस शहीद परिवार के साथ ही इनके पूरे गांव को आज तक एक भी शौचालय की सौगात नहीं दी है।
- इसके चलते आज पूरा गांव खुले मे शौच के लिये मजबूर है। इतना ही नहीं इस ग्राम सभा में अन्य भी गांव है यहां पर ग्राम प्रधान के द्वारा शौचालय तो बनाये गए लेकिन सभी शौचालय अधूरे बने हैं और सभी मानक विहीन हैं।
- ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान पर घोटाले का आरोप लगाया है।
जिलाधिकारी ने तत्काल शौचालय बनवाने का दिया भरोसा
- इस बारे में जब ग्राम प्रधान पति रामेश्वर राजभर से जानना चाहा गया तो उसके अनुसार, 467 शौचालय के लिये 28 लाख का बजट आया है।
- जिसमें से उन्होंने 390 शौचालय बन दिए हैं।
- उन्होंने शाहीद के गांव मे भी करीब 100 शौचालय बनवाने की बात कही।
- लेकिन इनकी बातों में कितनी सच्चाई है यह शहीद के पिता अरूण सिंह और ग्रामीणों सहित पूर्व ग्राम प्रधान शंकर सिंह की बातों से स्पष्ट है।
- इस मामले में जब जिलाधिकारी के बाला जी से जानना चाहा गया तो उन्होंने मामले का संज्ञान लेने की बात कही।
- डीएम ने प्राथमिकता के आधार पर शहीद परिवार को तत्काल शौचालय दिलवाने की बात कही।
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Sudhir Kumar
I am currently working as State Crime Reporter @uttarpradesh.org. I am an avid reader and always wants to learn new things and techniques. I associated with the print, electronic media and digital media for many years.