लखनऊ मेट्रो का मंगलवार को श्रीगणेश किया जा रहा है. भव्‍य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया है. साथ ही, सुरक्षा के चाक-चौबंद के इंतजाम किए गए हैं. ऐसे में यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव के चाहने वालों ने एक नई समस्‍या खड़ी कर दी. दरअसल, उन्‍होंने लखनऊ मेट्रो का श्रेय अखिलेश को दिलाने के लिए जगह-जगह पोस्‍टर चस्‍पा दिए हैं . इनमें भाजपा को श्रेय छीनने वाला भी बताया जा रहा है.

यह है पूरा मामला

  • लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन के साथ सपा और भाजपा के बीच जुबानी जंग बढ़ गई है.
  • सपाइयों का कहना है कि मेट्रो का निर्माण उन्‍होंने करवाया है जबकि भाजपा इसे अपने हक में मान रही है.
  • सूत्रों का यही कहना है कि सपा की ओर से पहले ही इसका उद्घाटन कर दिया गया था.
  • इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आगाज में शामिल नहीं हुए.
  • बता दें कि लखनऊ मेट्रो का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ करेंगे.

SP leaders arrest before Lucknow Metro inauguration

SP leaders arrest before Lucknow Metro inauguration

  • इसी बीच मंगलवार की सुबह पुलिस ने कई सपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है.
  • आशंका जताई जा रही थी कि वे उद्घाटन समारोह में व्‍यवधान पैदा कर सकते थे.
  • यही नहीं उन्‍होंने सोमवार की रात से ही जगह-जगह मेट्रो का श्रेय पूर्व सीएम अखिलेश को देने वाले पोस्‍टर भी जगह-जगह चस्‍पा कर दिए थे.
  • इन पोस्‍टर्स में लिखा है कि मेट्रो का निर्माण तो अखिलेश यादव ने कराया है भाजपा तो जबरन अपने नाम से फायदा उठाना चाह रही है.
  • दरअसल, इस विवाद की शुरुआत उस समय ही हो गई थी जब सोमवार को अखिलेश यादव ने अपने ट्वीटर हैंडलर से भाजपा पर हमला बोला था.
  • उन्‍होंने एक ट्वीट के जरिए कहा था कि मेट्रो का इंजन तो पहले ही चल चुका था डिब्‍बों को पीछे आना था.
  • अखिलेश के इस ट्वीट से भाजपा और सपा के बीच बहस तेज हो गई थी.
SP leaders arrest before Lucknow Metro inauguration
SP leaders arrest before Lucknow Metro inauguration
  • एक ओर जहां मेट्रो के उद्घाटन को लेकर चारों ओर तैयारियां की जा रही हैं.

  • वहीं दूसरी ओर, सपा कार्यकर्ताओं ने मेट्रो प्रोजेक्ट में पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को श्रेय देने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.
  • आलम यह है कि स्‍टेशन के बाहर सड़कों पर सपा कार्यकर्ता हाथों में तख्‍तियां लेकर खड़े हैं.
  • उनमें अखिलेश यादव के पक्ष में स्‍लोगन लिखे गए हैं.

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